कार्यक्रम का विवरण
राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान (NIUA) ने संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) और सूरत नगर निगम (SMC) के सहयोग से अर्बनशिफ्ट कंट्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत सूरत नगर निगम के अधिकारियों के लिए “गैर-मोटर चालित परिवहन (NMT) एवं सड़क सुरक्षा” विषय पर दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया। 16–17 अक्टूबर 2025 को आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य “वाहनों से पहले लोग और गति से पहले सुरक्षा” की दीर्घकालिक दृष्टि को आगे बढ़ाते हुए अधिक सुरक्षित, समावेशी और सतत शहरी वातावरण की योजना बनाने के लिए संस्थागत क्षमता को मजबूत करना था। सत्रों में गैर-मोटर चालित परिवहन को प्राथमिकता देने, पैदल यात्री अवसंरचना सहित पैदल चलने की सुविधा में सुधार, जमीनी स्तर पर सड़क सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों का समाधान तथा सतत गतिशीलता प्रबंधन की कार्यप्रणालियों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया।
राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान (NIUA) ने संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) और सूरत नगर निगम (SMC) के सहयोग से अर्बनशिफ्ट कंट्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत सूरत नगर निगम के अधिकारियों के लिए “गैर-मोटर चालित परिवहन (NMT) एवं सड़क सुरक्षा” विषय पर दो दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया। 16–17 अक्टूबर 2025 को आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य “वाहनों से पहले लोग और गति से पहले सुरक्षा” की दीर्घकालिक दृष्टि को आगे बढ़ाते हुए अधिक सुरक्षित, समावेशी और सतत शहरी वातावरण की योजना बनाने के लिए संस्थागत क्षमता को मजबूत करना था। सत्रों में गैर-मोटर चालित परिवहन को प्राथमिकता देने, पैदल यात्री अवसंरचना सहित पैदल चलने की सुविधा में सुधार, जमीनी स्तर पर सड़क सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों का समाधान तथा सतत गतिशीलता प्रबंधन की कार्यप्रणालियों को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया।
इस अवसर पर डॉ. डेबोलिना कुंडू, निदेशक, NIUA, श्री मनोजकुमार मुथुमानिकम, प्रोग्राम मैनेजमेंट ऑफिसर, GEF क्लाइमेट मिटिगेशन यूनिट, UNEP, सूरत नगर निगम के अतिरिक्त नगर अभियंता, सूरत ट्रैफिक पुलिस विभाग के सहायक पुलिस आयुक्त, तथा सरदार वल्लभभाई राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (SVNIT), सूरत के संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
यह कार्यशाला अर्बनशिफ्ट कंट्री प्रोजेक्ट के अंतर्गत प्रस्तावित क्षमता निर्माण पहलों की श्रृंखला में पहली पहल थी। इसका उद्देश्य सूरत को सतत शहरी गतिशीलता और सड़क सुरक्षा को आगे बढ़ाने में सहयोग प्रदान करना तथा शहर में अधिक सुरक्षित, समावेशी और लोगों-केंद्रित परिवहन व्यवस्था के विकास को समर्थन देना था।